Cancer Treatment in Graphic Era

Cancer Treatment in Graphic Era

देहरादून। ग्राफिक एरा अस्पताल के विशेषज्ञों ने साबित कर दिया की उम्र इलाज की सीमा नहीं, बल्कि सही विशेषज्ञता और तकनीक के सामने केवल एक संख्या भर है। उन्होंने 93 वर्षीय मरीज के कोलन कैंसर का लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर उसे नई जिंदगी दी।

93 वर्षीय वृद्ध लंबे समय से खून बहने वाले कोलन ट्यूमर से जूझ रहे थे। लगातार रक्तस्राव के कारण पिछले एक वर्ष में उन्हें 15 से अधिक बार खून चढ़ाना पड़ा, जिससे शरीर अत्यधिक कमजोरी हो चुका था। साथ ही मरीज को गंभीर हृदय रोग भी था, जो स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना रहा था। ऐसे में सर्जरी ही एकमात्र स्थायी विकल्प बचा था। विषम परिस्थितियों में उम्र की अधिकता के कारण प्रायः कैंसर के उपचार के लिए सर्जरी नहीं की जाती।

इस जटिल स्थिति में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन डॉ. सचिन अरोड़ा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने पूरी जांच कर लेप्रोस्कोपिक सर्जरी करने का निर्णय लिया। सही योजना, आधुनिक तकनीक और टीमवर्क की मदद से कोलन कैंसर की यह सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। छोटे चीरे लगाकर की गई इस लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में जोखिम कम रहा, खून की हानि न्यूनतम हुई और मरीज तेजी से रिकवर हुआ जो इस उम्र में बेहद अहम होता है।

डॉ. सचिन ने कहा कि आज के दौर में मरीज की वास्तविक शारीरिक स्थिति और मजबूत मेडिकल सपोर्ट ही निर्णायक होते हैं। सही विशेषज्ञता, सटीक रणनीति और उन्नत तकनीक के साथ किसी भी उम्र में जटिल से जटिल सर्जरी को भी सुरक्षित और सफल बनाया जा सकता है।
सर्जरी के बाद मरीज के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आ रहा है।

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