
Cyber Fraud
देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी ट्रस्ट और कंपनियाँ बनाकर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले शातिर अभियुक्त अजय त्रिपाठी को गाजियाबाद (उ.प्र.) से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज़, बैंक चैकबुक, आधार-पैन कार्ड, फ्लैक्सी, मोबाइल फोन और ट्रस्ट डीड बरामद हुई हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह ने बताया कि देहरादून निवासी एक वरिष्ठ नागरिक ने साइबर थाने में शिकायत दी थी कि फेसबुक लिंक और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए शेयर ट्रेडिंग/IPO-FPO में मोटा लाभ का लालच देकर उनसे करीब ₹44.50 लाख की ठगी की गई। इस पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी Shree Shiv Shyam Sewa Trust सहित कई फर्जी ट्रस्ट/कंपनियों के नाम पर बैंक खाते संचालित कर धोखाधड़ी कर रहा था। मोबाइल की जांच में टेलीग्राम चैट से बैंक खातों और पैसों के लेन-देन की संदिग्ध जानकारी मिली, जिसके तार कम्बोडिया व थाईलैंड के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह से जुड़े पाए गए।
बरामदगी
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से—
- 05 चैकबुक (भिन्न-भिन्न बैंकों की)
- 03 स्टैम्प (फर्जी ट्रस्ट/कंपनियों के नाम से)
- 03 पैन कार्ड व 02 आधार कार्ड (अलग-अलग पते वाले)
- 01 डेबिट कार्ड (YES Bank)
- 03 फर्जी ट्रस्ट/कंपनियों की फ्लैक्सी
- 03 ट्रस्ट डीड
- 01 मोबाइल फोन (सहित सिम) व 02 अतिरिक्त सिम कार्ड
आरोपी का विवरण
अजय कुमार त्रिपाठी (28 वर्ष) पुत्र डी.के. त्रिपाठी, मूल निवासी इन्द्रा नगर, लखनऊ; वर्तमान में गाजियाबाद और नोएडा में अलग-अलग पते पर रहकर गिरफ्तारी से बचता रहा।
ठगी का तरीका
आरोपी पीड़ितों को फेसबुक लिंक से व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर फर्जी मोबाइल एप (ASBPL) डाउनलोड कराता और निवेश पर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देता। धीरे-धीरे करोड़ों रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए जाते।
अपील
एसएसपी एसटीएफ ने जनता से अपील की है कि ऑनलाइन जॉब, ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट से पहले कंपनी और प्लेटफॉर्म की पूरी जांच-पड़ताल करें। संदिग्ध लिंक/एप पर क्लिक न करें और किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी की सूचना तुरंत 1930 टोल-फ्री नंबर या www.cybercrime.gov.in पर दें।