Fraud in the name of work form home : धोखाधड़ी का मुख्य सरगना गिरफ्तार, अभियुक्त के तार चीन से

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Fraud in the name of work-from-home
धोखाधड़ी का मुख्य सरगना गिरफ्तार

Fraud in the name of work-from-home

देहरादून, 27 अक्टूबर । साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून उत्तराखण्ड देहरादून पर शिकायत प्राप्त हुयी जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा ऑनलाईन जॉब की तलाश की जा रही थी जिसके क्रम में शिकायतकर्ता को अपने मोबाईल नम्बर पर एक अज्ञात मोबाईल नम्बर से व्हट्सएप्प मैसेज प्राप्त होना ।

जिसमें Marriott Bonvoy होटल ग्रुप के लिए वर्क फ्राम होम का ऑफर (Fraud in the name of work form home) प्राप्त होना अंकित होना। जिसके पश्चात शिकायतकर्ता को टेलीग्राम एप्प पर @soni2343 का मैसेज प्राप्त होना।

जिसके द्वारा स्वंय का परिचय देते हुए अपना नाम सोनिया बताना व स्वंय को Marriott Bonvoy विश्व प्रसिद्ध होटल ग्रुप से होना बताया गया। सोनिया उपपोक्त द्वारा शिकायतकर्ता को  ग्रुप के लिए वर्क फ्राम होम (Fraud in the name of work form home) की स्कीम बताकर लाभ कमाने का लालच देना।

शुरुआती दौर में ऑनलाई होटल की बुकिंग कर कमिशन प्राप्त करने हेतु बताना। होटल की बुकिंग हेतु सोनिया द्वारा शिकायतकर्ता को एक लिंक  https://www.marriottwork.com पर रजिस्ट्रेशन व तत्पश्चात टेलिग्राम ग्रुप में MARRIOTT BONVOY® 558 का लिंक https://t.me/+CSYSadhAdYk2NDII भेजकर ग्रुप में जोडना । 

अज्ञात व्यक्तियों द्वारा शिकायतकर्ता को टास्क देकर धोखाधड़ी करते विभिन्न्न खातों में कुल  19,94,853/- रुपये प्राप्त करने सम्बन्धी शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना देहरादून पर मु0अ0स0 23/2023 धारा 420/120बी भादवि व 66 डी आई0टी0 एक्ट बनाम अज्ञात का अभियोग पंजीकृत किया गया तथा विवेचना निरीक्षक विजय भारती के सुपुर्द की गयी।

अभियोग में अभियुक्तों के विरुद्ध कार्यवाही हेतु गठित टीम द्वारा विस्तृत तकनीकी जांच के बाद संदिग्ध अभियुक्त का हरियाणा से सम्बन्ध होना पाया गया, जिसमें पुलिस टीम को सुरागरसी पतारसी हेतु गैर प्रान्त हरियाणा रवाना किया गया।

पुलिस टीम द्वारा गैर प्रान्त जाकर अथक मेहनत एवं प्रयास से साक्ष्य एकत्रित करते हुये अभियोग में रुषभ शर्मा पुत्र राजेश शर्मा निवासी म0नं0 735 सेक्टर 9 गुडगाँव हरियाणा। उम्र- 27 वर्ष को गिरफ्तार किया गया तथा अभियुक्त से घटना में प्रयुक्त एक अदद मोबाईल फोन रियलमी कम्पनी का  बरामद किया गया।

विवेचना के दौरान यह तथ्य भी प्रकाश में आया है कि अभियुक्त के 433305000401 बैंक खाते में 18 एनसीआरपी शिकायतें हैं, 660801700116 बैंक खाते में 01 एनसीआरपी शिकायतें हैं, 114605001036 बैंक खाते में 43 शिकायतें हैं, 336705000207 बैंक खाते में 23 शिकायतें हैं।

इन खातों का संचालन आरोपी वृषभ द्वारा किया जा रहा था, जहां राष्ट्रीय पोर्टल पर इन 85 शिकायतों के साथ 21 करोड़ से अधिक के लेनदेन पर सवाल |

अपराध का तरीका (Fraud in the name of work-from-home):-

अभियुक्तगण द्वारा वर्क फॉर्म होम (Fraud in the name of work form home) के काम में रुचि रखने वाले व्यक्तियों को फर्जी होटल की साईट तैयार कर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ कर  होटल की ऑनलाईन बुकिंग का टास्क देकर कमीशन का लाभ कमाने का लालच दिया जाता है।

जिस पर पहले तो कमीशन के रुप में कुछ धनराशि दी जाती है, किन्तु जब जनता को विश्वास हो जाता है कि इस प्रकार काम करके उनको घर बैठे ही काम करने के लिये अच्छा कमीशन दिया जा रहा है । तत्पश्चात जनता को विश्वास में लेकर उनसे मोटी रकम को हड़प लिया जाता है ।

आरोपी ने कहा कि साथ में उसके अन्य सहयोगी भी चीनी ग्राहकों के लिए डमी बैंक खाते खोले। यह खाते गुजरात (सूरत, बड़ौदा), दिल्ली एनसीआर (गुड़गांव, नोएडा) और पंजाब (लुधियाना) में खोले जाते हैं। फर्जी जीएसटी और आयात-निर्यात पंजीकरण संख्या उत्पन्न होती है और फिर बैंक खाते खोले जाते हैं।

भारी कमीशन का भुगतान चीनी क्लाइंट्स द्वारा किया जाता है जहां आरोपी ने खुद चीनी को अपने दो खातों को 02 दिनों तक संचालित करने देने के लिए 4.78 लाख रुपये लिए।

ये सभी खाते CURRENT Account खाते हैं जहां बैंक खाता खोलने के लिए लोगो का पैन कार्ड का उपयोग किया जाता है जबकि आधार कार्ड एसएमएस अलर्ट खरीद के लिए उपयोग किया जाता है।

नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल्स विदेशी ग्राहकों को दिए जाते हैं जो क्रिप्टो खरीद के लिए पैसे का उपयोग करते हैं और मनी ट्रेल मिटा दिया जाता है।

बाद में इन बैंक खातों का इस्तेमाल वे विभिन्न फर्जी निवेश मॉडल में पैसा लेने के लिए करते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि अब कृषि फर्मों/सोसायटी के नाम पर खाते खोले जा रहे हैं क्योंकि वे रडार/Scrutiny से बचने में आसान हैं।

इन अभियुक्तो की गहनता से जाँच करने पर इनसे प्राप्त मो0 नं0 व बैंक खातो आदि का विश्लेषण किया गया तो पाया गया कि देशभर में  855 मामलों में 37 मुकदमें पंजीकृत किये गये है। अभियुक्तगणों के विरुद्ध सम्पूर्ण भारतवर्ष में निम्न मामलों/मुकदमों की सूची इस प्रकार है-

तेलंगाना 12 अभियोग, दिल्ली 09 अभियोग, उत्तर प्रदेश 04 अभियोग, छत्तीसगढ़ 03 अभियोग, उत्तराखंड 02 अभियोग, महाराष्ट्र 02 अभियोग, हरियाणा 02 अभियोग, कर्नाटक 02 अभियोग, चंडीगढ़ 01 अभियोग। कुल 37 आपराधिक अभियोग |

इसी तरह अभियोग और शिकायतों में राज्यवार कुल साइबर आपराधिक लिंक- उत्तर प्रदेश 187, राजस्थान 97, महाराष्ट्र 88, दिल्ली 70, तेलंगाना 55, बिहार 51, हरियाणा 47 आदि राज्य। कुल 855 आपराधिक तार |

अपराध लिंक को संबंधित राज्यों / UTs के साथ उनके अंत से आगे की कार्रवाई के लिए साझा किया जाएगा।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड आयुष अग्रवाल द्वारा जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरो/फर्जी साइट/धनराशि दोगुना करने व टिकट बुक करने वाले अंनजान अवसरो के प्रलोभन में न आयें ।

साथ ही, सभी से अपील है कि वे फर्जी निवेश ऑफर जैसे Youtube like सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें व किसी भी अन्जान व्यक्ति के सम्पर्क में न आये अथवा न ही किसी भी अन्जान व्यक्ति से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें।

किसी भी प्रकार के ऑनलाईन जॉब हेतु एप्लाई कराने से पूर्व उक्त साईट का पूर्ण वैरीफिकेशन सम्बन्धित कम्पनी आदि से भलीं भांति इसकी जांच पड़ताल अवश्य करा लें।

गूगल से किसी भी कस्टमर केयर नम्बर सर्च न करें व शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें ।

वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर पर सम्पर्क करें ।

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