Tree plantation

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देहरादून। उत्तराखंड के पारंपरिक लोकपर्व हरेला के शुभ अवसर पर सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, देहरादून के अध्यक्ष एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने सीआईएमएस कैंपस, कुंआवाला में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया।

इस अवसर पर एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने सभी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए इसके सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, विशेष रूप से कुमाऊँ क्षेत्र में, हरेला सदियों से प्रकृति, हरियाली, समृद्धि एवं खुशहाली का प्रतीक रहा है। यह पर्व हमें प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है।

उन्होंने बताया कि हरेला पर्व से नौ दिन पूर्व पाँच अथवा सात प्रकार के अनाज रिंगाल की टोकरी या पत्तों से बनी टोकरियों में बोए जाते हैं। प्रतिदिन इनकी सिंचाई कर इन्हें सुरक्षित रखा जाता है। दसवें दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद हरेले को काटकर देवताओं को अर्पित किया जाता है तथा परिवार के बड़े-बुजुर्ग इसे सभी सदस्यों के सिर पर रखकर सुख, समृद्धि और दीर्घायु का आशीर्वाद देते हैं।

एडवोकेट जोशी ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण मानव जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति इस अवसर पर एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो हरियाली बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

उन्होंने संस्थान के छात्र-छात्राओं से अधिक से अधिक पौधरोपण करने, लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने तथा पर्यावरण संरक्षण के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने भी पर्यावरण संरक्षण एवं पौधरोपण अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय जोशी, पर्यावरण प्रेमी मनमोहन सिंह, लोक गायक गणेश कांडपाल सहित संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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