Seed Ball Training
देहरादून। दून घाटी में पर्यावरण संरक्षण और बहुमूल्य वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण के लिए युवाओं के संगठन मैड संस्था और आगाज़ फैडरेशन ने बीज बम निर्माण एवं प्रचार प्रसार प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। मैड संस्था की वरिष्ठ कोऑर्डिनेटर आर्ची बिष्ट ने बताया कि मैड संस्था की कोर टीम के सदस्यों को बीज बम या सीड बम बनाने के प्रशिक्षण की आवश्यकता थी। इसलिए उन्होंने उत्तराखण्ड में बीज बम अभियान से प्रमुखता से जुड़ी जाड़ी संस्था और आगाज़ फैडरेशन से अपनी टीम को प्रशिक्षित करने का आग्रह किया। उनके आग्रह पर आगाज़ संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष जो जनपद देहरादून और चमोली में इस वर्ष 10 हजार बीज बम का निर्माण स्वयं संस्था के स्रोतों से करके उन्हें दोनों जनपदों में ऐसे स्थानों पर प्रत्यारोपित करेंगे जहाँ पिछले दिनों बड़े स्तर पर जंगल की आग लगी हो, भूस्खलन हुआ है और या तो ऐसे स्थानों पर भू-धसाव हो रहा हो।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में बतौर मुख्य प्रशिक्षक जे0पी0 मैठाणी ने सबसे पहले प्रमुख वृक्ष प्रजातियों जैसे पीपल, बरगद, कचनार, कदंब, लाठी बांस, गुलमोहर, अमलतास, चकरेसिया, के बारे में जानकारी दी। तदोपरांत मिट्टी, गोबर की खाद, रेत का मिश्रण बनाना और उससे सीड बम तैयार करना, सीड बम के भीतर बीजों को रखना, लगभग एक समान आकार के तैयार मिट्टी के गोलों को छाया में सुखाना सिखाया। उन्होंने देहरादून के इकोसिस्टम में इन चयनित प्रजातियों के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। मैड संस्था की ओर से आशीष, दारिश, अम्बिका और अर्चना ने प्रथम बैच तैयार किया। तदोपरांत संस्था के अन्य वॉलन्टियर वृंदा, श्रीमती सुषमा बिष्ट, शगुफ्ता, प्रिंस, गौतम सिंह, अमन, रिद्धिमा, ईशान, अनीस, अक्षित ने 800 से अधिक सीड बम बनाये।
मैड की यह कोर टीम अब देहरादून के 20 कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जाकर सीड बम बनाने और उनके व्यापक प्रचार प्रसार का कार्य करेगी। मैड से जुड़े दारिश बताते हैं अभी 5 स्कूलों ने अपनी सहमति और रजामंदी दी है। वहाँ के अध्यापक और बच्चों के साथ इस सप्ताह ही बीज बम निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्रीमती सुषमा बिष्ट, दारिश, आर्ची बिष्ट, अर्चना, आस्था, वृंदा, शगुफ्ता, आशीष, प्रिंस, गौतम सिंह, अम्बिका, अमन, रिधिमा, ईशान, अनीश और अक्षित ने प्रतिभाग किया ! .
