नकली दवा कंपनियों पर ड्रग विभाग की बड़ी कार्रवाई, 03 साल में 72 लोगों के खिलाफ केस दर्ज, 32 लोगों को भेजा जेल

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Action against fake pharmaceutical companies

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देहरादून। उत्तराखंड में नकली दवाईयों के कारोबारियों के खिलाफ खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का अभियान लगातार जारी है। चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विभाग द्वारा गहन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। यात्रा मार्गों के साथ ही ड्रग विभाग की टीमें पयर्टन स्थलों में स्थित मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी के साथ ही दवा कंपनियों का भी औचक निरीक्षण कर रही हैं। आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग डॉ आर राजेश कुमार पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

अन्य राज्यों की दवाईयों के 281 सैंपल में से 47 सैंपल फेल
अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि नकली दवा माफियों के खिलाफ विभाग का अभियान लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि नकली दवा कारोबारियों के खिलाफ विभाग ने बड़ी कार्रवाईयां की हैं। रूड़की और उधमसिंहनगर में नकली दवा के ज्यादा मामले सामने आये हैं। पिछले 03 साल में 72 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किये गये हैं और 32 लोगों को जेल जाना पड़ा।

राज्य की सीमा व अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर निगरानी
दवा निर्माताओं के साथ ही दवाईयों के थोक व फुटकर विक्रेताओं पर भी कार्यवाही की जा रही है। विभाग दवाईयों पर अनावश्यक छूट देने वाले रिटेलर पर निगरानी रख रहा है। राज्य में समस्त रिटेल शॉप पर कैमरे लगाने अनिवार्य किये गये हैं। राज्य में विभिन्न स्तर पर मनः प्रभावी दवाईयों के भंडारण की सीमा निर्धारित की गयी है। राज्यों की सीमा एवं अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर भी विभाग द्वारा दवाईयों की आपूर्ति पर निगरानी रखी जा रही है।

देहरादून लैब में भी हो रही दवाओं की जांच
दवाओं और कास्मेटिक उत्पादों की जांच रुद्रपुर के अलावा देहरादून में की जा रही है। यहां अत्याधुनिक मशीनों से सुविधा युक्त लैब है। इसमें वेट लैब, माइनर और मेजर, कास्मेटिक और माइक्रो लैब की सुविधा मौजूद है। यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और दवाओं की गुणवत्ता की भी जांच की जा रही है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीमें लगातार सैंपलिंग कर रही हैं।

फूड लाइसेंस पर बनाया जा रहा था मल्टीविटामिन
कई दवा कंपनियों में फूड लाइसेंस पर मल्टीविटामिन बनाए जा रहे थे। छापेमारी में मल्टीविटामिन के कैप्सूल और टेबलेट मिले। सैंपल की जांच में मल्टीविटामिन में दवाओं के सॉल्ट पाए जाने पर इनके विरुद्ध कार्रवाई की गई। कंपनी को सील कर दिया गया।

नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं का स्टाक तय
राज्य सरकार ने नशे के रूप में उपयोग में लाई जाने वाली नारकोटिक और साइकोट्रापिक दवाओं का स्टाक पहले ही तय कर रखा है। अब मेडिकल स्टोर व सप्लायर इन दवाओं की बिक्री मनमाने ढंग से नहीं कर पाएंगे।

लाइसेंस निरस्त करने के साथ होगी कार्रवाई
कोई भी मेडिकल स्टोर या स्टाकिस्ट तय सीमा से अधिक दवाओं का स्टाक नहीं रख सकता। यदि कोई ऐसा करते हुए पाया गया तो लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही अन्य कार्रवाई भी की जाएगी।

आदेश में कुल 13 दवाओं का स्टाक तय
ड्रग कंट्रोलर की ओर से जारी आदेश में कुल 13 दवाओं का स्टाक तय किया गया है। इनमें एल्प्राजोलाम, ट्रामाडोल, ट्रामाडोल इंजेक्शन, कोडीन, पेंसिडिल, डाइजेपाम, डाइजेपाम इंजेक्शन, क्लोनाजेपाम, पेंटाजोनिक, निट्रेजापाम, निट्रेजापाम इंजेक्शन आदि शामिल हैं।

फलों की भी होगी जांच
फलों को लेकर कैलिशियम कार्बाइड के प्रयोग, मिलावट और इंजेक्शन लगाने की शिकायतें मिल रही हैं। इसके मद्देनजर खाद्य निरीक्षकों को पूरे यात्रा मार्ग पर भी फलों में मिलावट की जांच के आदेश दिये गये हैं। हरिद्वार, ऋषिकेश में छापेमारी अभियान शुरू होने जा रहा है। 31 मई से यात्रा मार्ग पर गहन छापेमारी अभियान चलाया जाएगा और फलों की जांच की जाएगी।

विकासनगर में पनीर के सैंपल फेल, होगी कार्रवाई
विकासनगर के धर्मावाला में एक पनीर विक्रेता के यहां से पनीर के सैंपल लिए गए थे। लैब से मिली रिपोर्ट के मुताबिक पनीर में मिलावट पाई गयी है। संबंधित पनीर संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

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