70 crore land fraud

70 crore land fraud

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) देहरादून ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) के तहत हरक सिंह, उनकी पत्नी दीप्ति रावत और तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।

चार्जशीट में नामजद अन्य आरोपियों में सचिवालय से सेवानिवृत्त अनुभाग अधिकारी वीरेंद्र सिंह कंडारी, लक्ष्मी राणा और श्रीमती पूर्णा देवी मेमोरियल ट्रस्ट शामिल हैं। बताया गया है कि यह मामला सहसपुर थाने में दर्ज भूमि धोखाधड़ी के मुकदमे पर आधारित है, जिसकी जांच ईडी ने की थी।

जांच में सामने आया कि हरक सिंह रावत, उनके सहयोगी वीरेंद्र सिंह कंडारी और अन्य ने मिलकर साजिश रची। इस साजिश के तहत सहसपुर क्षेत्र की कीमती जमीन को दीप्ति रावत और विजयलक्ष्मी सिंह राणा के नाम बेहद कम दाम पर पंजीकृत कराया गया। खास बात यह रही कि यह पूरा लेन-देन उस समय हुआ जब जमीन की खरीद-फरोख्त पर हाई कोर्ट की रोक लगी हुई थी। इसके बावजूद पावर ऑफ अटॉर्नी कराई गई और जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई।

ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, दीप्ति रावत के नाम पर खरीदी गई उक्त जमीन अब श्रीमती पूर्णा देवी मेमोरियल ट्रस्ट के तहत संचालित ‘दून इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ का हिस्सा बन चुकी है, जिसे हरक सिंह रावत का परिवार और उनके करीबी संचालित करते हैं।

इस मामले में जनवरी माह में ईडी ने लगभग 101 बीघा भूमि को अस्थाई रूप से अटैच करने का आदेश भी जारी किया था। जिन जमीनों की खरीद कीमत करीब 6.56 करोड़ रुपये बताई गई है, उनका बाजार मूल्य 70 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है।

अब विशेष अदालत द्वारा चार्जशीट का संज्ञान लेने के बाद ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे हरक सिंह रावत और अन्य आरोपियों की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *