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देहरादून। जनहित में त्वरित निर्णय लेने वाला प्रशासन जब संवेदनशीलता के साथ काम करता है, तो समाज में विश्वास गहराता है। ऐसा ही उदाहरण पेश किया देहरादून के जिलाधिकारी ने, जब स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों के साथ आयोजित विशेष बैठक में निर्णयों की झड़ी लगा दी।

बैठक की शुरुआत ही आत्मीयता के साथ हुई। डीएम स्वयं अन्य बुजुर्ग याचियों से मिल रहे थे, जिस कारण 15 मिनट की देरी से बैठक में पहुंचे और सबसे पहले विलंब के लिए क्षमा याचना की। यह भावुक क्षण उत्तराधिकारियों के दिल को छू गया।

प्रमुख फैसले:

निःशुल्क यात्रा का तोहफा:
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों को स्मार्ट सिटी की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान करने का आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किया गया।

आवास का अधिकार:
डीएम ने स्पष्ट किया कि सेनानियों के परिजनों को आवासीय भूखंड मिलना उनका हक है। 100 वर्गमीटर भूमि आवंटन के लिए नगर निगम मेयर से खुद दूरभाष पर बात कर सहयोग मांगा गया।

सेनानी भवन विवाद सुलझाया:
पुरानी जजी कलेक्ट्रेट परिसर में निर्माणाधीन सेनानी भवन को लेकर उठे समन्वय के विवाद को डीएम ने मौके पर ही सुलझा दिया।

स्मारकों का संरक्षण प्राथमिकता:
डीएम ने निर्देश दिए कि आज़ादी के इन नायकों की यादों को सुरक्षित रखना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पुरानी जेल परिसर के स्मारकों के सौंदर्यीकरण को मंजूरी दी गई है।

बांगखाला में गौरव द्वार का निर्माण:
एमडीडीए को बांगखाला में स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर एक भव्य प्रवेश द्वार निर्माण कराने के निर्देश भी दिए गए।

पेंशन एरियर का त्वरित निस्तारण:
बैठक में आए 10 उत्तराधिकारियों के पेंशन एरियर का भुगतान आज ही कराने के आदेश सीटीओ को दिए गए।

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