रजिस्ट्री फर्जीवाडे के मुख्य आरोपित केपी सिंह की जेल में मौत

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Main accused KP Singh dies in jail
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Main accused KP Singh dies in jail

देहरादून। प्रदेश में कऱोडों की जमीनों के दस्तावेज बदलने के खेल में माहिर खिलाड़ी केपी सिंह उर्फ कंवरपाल सिंह की सहारनपुर जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत (Main accused KP Singh dies in jail) हो गई है। हाल ही में उत्तराखंड पुलिस ने करीब 100 करोड़ों से ज्यादा का बहुचर्चित रजिस्ट्री घोटाले में केपी सिंह को पीसीआर पर दून लाया था।

इस दौरान केपी सिंह ने अहम राज उगले थे, जो अब केपी सिंह की मौत के बाद दफन हो जाएंगे। इसके अलावा उत्तराखंड में रिकॉर्ड रूम में जमीनों के दस्तावेजों को बदलने में माहिर केपी कई सफेदपोशों और अफसरों के राजदार भी थे। ऐसे में केपी सिंह की मौत हुई या हत्या की गई, इस पर चर्चाएं शुरू हो गई है।

उक्त अभियोगो में अभियुक्त कुंवरपाल सिंह उर्फ के पी सिंह पुत्र बलवीर सिंह निवासी मोहल्ला सुताजपुर नकुरपुर सहारनपुर का नाम प्रकाश में आने पर एसआईटी द्वारा पूर्व में अभियुक्त के पी सिह को ‘वारण्ट बी’ पर न्यायालय में तलब कर अभियुक्त का 04 दिवस का ‘पुलिस कस्टडी रिमांड’ लिया गया था।

यहां उससे रजिस्ट्री फर्जीवाड़े पर तमाम साक्ष्य पुलिस ने बरामद किए गए थे। केपी सिंह की मौत पर सहारनपुर जेल के अधिकारी अभी कुछ भी अधिक बोलने से बच रहे हैं।

केपी सिंह की मौत (Main accused KP Singh dies in jail) की पुष्टि जेल प्रशासन ने गुरुवार सुबह की :-

पुलिस सूत्रों के मुताबिक केपी सिंह की मौत की पुष्टि जेल प्रशासन ने गुरुवार सुबह की। बताया जा रहा है कि अभियुक्त के पी सिंह की जिला कारागार सहारनपुर में मृत्यु होना संज्ञान में आया।

मामला संवेदनशील होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर व वरिष्ठ अधीक्षक जिला कारागार सहारनपुर से टेलिफोनिक वार्ता की गई तो अभियुक्त के पी सिंह की मृत्यु प्रथम दृष्टता हाइपरटेंशन व हार्ट अटैक से होना ज्ञात हुआ।

खासकर केपी सिंह को रजिस्ट्री फर्जीवाड़े के तमाम किरदारों और आरोपित अधिवक्ता विरमानी के बीच की अहम कड़ी बताया जाता रहा है। 08 सितंबर को जब दून पुलिस केपी सिंह को बी-वारंट पर सहारनपुर जेल से दून लेकर आई थी, तब सीजेएम लक्ष्मण सिंह की कोर्ट ने उसकी चार दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की थी। इस दौरान पुलिस ने उससे रजिस्ट्री फर्जीवाड़े को लेकर तमाम साक्ष्य एकत्रित किए थे।

खासकर देहरादून की जमीनों के रिकार्ड जब तक सहारनपुर में रहे उस अवधि में उनके साथ छेड़छाड़ किस तरह की गई या कितने अभिलेखों में यह फर्जीवाड़ा किया गया है या और कितने लोग इस खेल में शामिल हो सकते हैं, यह सब उगलवाने के लिए या साबित करने के लिए केपी सिंह अहम कड़ी था। केपी सिंह की मौत कई तरह के सवालों को भी जन्म दे रही है।

जिसके पश्चात अभियुक्त को वापस न्यायिक अभिरक्षा में निरूद्ध किया गया था। वर्तमान में अभियुक्त के पी सिंह जिला कारागार सहारनपुर में निरूद्ध था तथा जनपद देहरादून के अभियोगों में भी न्यायिक अभिरक्षा में था।

जनपद से एक टीम को विस्तृत जानकारी के लिए सहारनपुर रवाना किया गया है

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