Lamp Lighting Ceremony
देहरादून। सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज, देहरादून में शुक्रवार को सीआईएमएस कॉलेज ऑफ नर्सिंग की ओर से बी.एससी. नर्सिंग, जीएनएम एवं एएनएम 2025 बैच के छात्र-छात्राओं के लिए लैंप लाइटिंग एवं शपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह पारंपरिक एवं गरिमामय कार्यक्रम नर्सिंग विद्यार्थियों के पेशेवर जीवन की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है, जिसमें उन्हें सेवा, समर्पण और मानवता की शपथ दिलाई जाती है।
लैंप लाइटिंग समारोह का विशेष महत्व आधुनिक नर्सिंग की जनक Florence Nightingale से जुड़ा है। ‘लेडी विद द लैंप’ के नाम से प्रसिद्ध फ्लोरेंस नाइटएंगल ने क्राइमियन युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की सेवा करते हुए करुणा, अनुशासन और समर्पण का जो उदाहरण प्रस्तुत किया, उसी की स्मृति में नर्सिंग विद्यार्थियों को दीप प्रज्वलित कर सेवा पथ पर अग्रसर होने का संदेश दिया जाता है।
कार्यक्रम में उत्तराखण्ड नर्सेज एंड मिडवाइव्ज काउंसिल की रजिस्ट्रार डॉ. मनीषा ध्यानी मुख्य अतिथि तथा कॉलेज ऑफ नर्सिंग, एम्स ऋषिकेश की प्रधानाचार्या डॉ. स्मृति अरोड़ा और लेफ्टिनेंट कर्नल नीता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं संस्थान के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। दीप प्रज्वलन नर्सिंग विद्यार्थियों के जीवन में नए अध्याय की शुरुआत तथा मानवता, सेवा और समर्पण की भावना के जागरण का प्रतीक रहा। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से शपथ ली और नर्सिंग पेशे में निष्ठा, ईमानदारी और करुणा के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि डॉ. मनीषा ध्यानी ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग एक अत्यंत सम्मानजनक और जिम्मेदारीपूर्ण पेशा है। उन्होंने कहा कि नर्स का सहयोग किसी भी चिकित्सकीय उपचार में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और मरीजों की देखभाल में संवेदनशीलता, धैर्य एवं पेशेवर दक्षता आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से मरीजों को परिवार का सदस्य मानकर सेवा करने का आह्वान किया।
संस्थान के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि यह शपथ नर्सिंग पेशे की पवित्रता और रोगियों के जीवन पर नर्सों के प्रभाव की निरंतर याद दिलाती है। उन्होंने कहा कि तनाव और चुनौतियों के समय यह प्रतिज्ञा प्रेरणा का स्रोत बनकर सेवा के मूल उद्देश्य को पुनः जागृत करती है।
वहीं सीआईएमएस कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रधानाचार्या चेतना गौतम ने कहा कि विद्यार्थियों को आज जो शपथ दिलाई जा रही है, उसे केवल एक औपचारिकता न समझें, बल्कि अपने पूरे पेशेवर जीवन में निरंतर उसका पालन करें। उन्होंने कहा कि नर्स की प्रतिज्ञा दयालु, रोगी-केंद्रित देखभाल और नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है, जो आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की जटिलताओं के बीच मार्गदर्शन प्रदान करती है।
कार्यक्रम में सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय जोशी, प्रशासनिक निदेशक केदार सिंह, उत्तराखण्ड डिफेंस एकेडमी के डायरेक्टर मेजर (सेवानिवृत्त) ललित सामंत, नर्सिंग विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा 250 से अधिक विद्यार्थी उपस्थित रहे।