
Tharali Disaster
देहरादून। चमोली जिले के थराली क्षेत्र में भारी बारिश और मलबा आने से हालात गंभीर हो गए हैं। थराली बाजार सहित कई इलाकों में मकान, दुकानें और वाहन मलबे की चपेट में आ गए। अब तक एक युवती की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक व्यक्ति लापता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत एवं बचाव कार्यों की सीधे निगरानी अपने स्तर से शुरू कर दी है। उन्होंने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन और जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी से लगातार अपडेट लेने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि “सरकार इस मुश्किल घड़ी में थराली के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।”
राहत-बचाव में जुटीं 150 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी
थराली में जिला प्रशासन, पुलिस, सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, एसएसबी समेत करीब 150 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। पांच जेसीबी मशीनें मलबा हटाने में लगी हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। करीब 150 से अधिक लोग तहसील परिसर में ठहराए गए हैं, जिनके लिए भोजन, पानी और चिकित्सा व्यवस्था की गई है।
मुख्य सचिव व आला अधिकारी मौके पर
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर हालात की समीक्षा की और चमोली प्रशासन को पेयजल, बिजली और संचार व्यवस्था तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि 10 से 12 घरों में भारी मलबा घुस गया है और 20-25 घर आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। कर्णप्रयाग-ग्वालदम सड़क सहित कई मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं।

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
थराली और कर्णप्रयाग से चिकित्सा टीमें तैनात कर दी गई हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में चार डॉक्टर, छह स्टाफ नर्स, एम्बुलेंस और दवाएं मौजूद हैं। अतिरिक्त चिकित्सक और 108 एम्बुलेंस भी मौके पर भेजी गई हैं।

सीएम की अपील
सीएम धामी ने प्रभावित लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जिनके घर खतरे की जद में हैं उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। साथ ही विधायक और जनप्रतिनिधियों से मौके पर रहकर राहत कार्यों में सहयोग करने को कहा है।